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मेले का एक वर्ष पुराना वीडियो हो रहा वायरल
उज्जैन। पिछले एक सप्ताह से व्हाट्सएप एप्लीकेशन पर मेले में झूले की पालकी टूटने से लोगों के गिरने और एक लड़की की मौत का वीडियो वायरल हो रहा है। इन दिनों नदी किनारे कार्तिक मेला चल रहा है और इस झूठे वीडियो के वायरल होने का असर झूला संचालकों के धंधे पर पड़ रहा है।
जो वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हुआ है उसकी सच्चाई बताते हुए मेले में झूला व मौत का कुआं संचालित करने वाले तेजूबाबा ने कहा कि जो वीडियो मोबाइलों में वायरल हुआ है उसमें सबसे ऊंचे झूले की पालकी नीचे आते समय टूटते दिखाई दे रही है।
पालकी में से महिला, बच्ची व अन्य लोग गिरते दिखाई दे रहे हैं। तेजूबाबा ने बताया कि यह वीडियो करीब एक वर्ष पुराना महाराष्ट्र का है और उस घटना में एक बच्ची की मृत्यु हुई थी।
इस वीडियो का उज्जैन के कार्तिक मेले से कोई सरोकार नहीं है। इससे पूर्व भी एक वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल हो चुका है जिसमें एक युवती चलते झूले की पालकी से काफी ऊंचाई से जमीन पर गिरते दिखाई गई है वह वीडियो भी पुराना है।
व्हाट्सएप पर वायरल हो रहे झूठे वीडियो का असर कार्तिक मेले के झूलों पर पड़ रहा है और ऐसे वीडियो देखने के बाद लोग अब झूलों में बैठने से डर रहे हैं। झूला संचालक तेजूबाबा का कहना है कि प्रतिदिन सुबह से शाम तक झूलों की बारीकी से जांच के बाद ही उन्हें चलाया जाता है।
इंजीनियर के सार्टिफिकेट के बाद चलते हैं झूले
मेले में लगने वाले झूलों की प्रशासनिक परमिशन होती है जिसके अंतर्गत पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियरों द्वारा झूलों की बनावट, विद्युत सप्लाय, सुरक्षा के उपाय सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही झूला संचालक को सार्टिफिकेट देकर परमिशन दी जाती है।